सिवानः जीरादेई में ‘गीत-संगीत म्यूजिकल कंसर्ट के साथ मनाया गया महिला सशक्तिकरण

गीत-संगीत’ में मैं कुछ भी कर सकती हूं , सीजन 3 के लांच से पहले चैंपियंस ऑफ चेंज का जश्न मनाया गया

वीरेंद्र मिश्र

पटना। लोकप्रिय एडुटेनमेंट शो ” मैं कुछ भी कर सकती हूं ” सीज़न 3 के साथ अपने बहुप्रतीक्षित कम बैक के लिए तैयार है। ऐसे में आज सहगल फाउंडेशन के साथ पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, ‘गीत-संगीत’ नामक संगीत कार्यक्रमों की एक श्रृंखला महिला चैंपियनों का जश्न मनाने के लिए सिवान जिले के जीरादेई के महेंद्र उच्च विद्यालय में आयोजित की गई।
कार्यकम में मुख्य अतिथि के रूप में दरौंदा की विधायक कविता सिंह उपस्थित थीं। कार्य्रकम की शुरुआत से पहले विज्ञानानंद केंद्रीय विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं ने स्वागत गान कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत विधायक कविता सिंह, पॉपुलेशन फाउंडेश ऑफ इंडिया की कार्यक्रम निदेशक सोना शर्मा,एसएम सहगल फाउंडेशन के संचार निदेशक पूजा मुराद, अर्चना अरमानी(प्रधानाध्यापक, महेंद्र उच्च विद्यालय), आरती आलोक(लेखिका) इत्यादि लोंगो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच का संचालन आर जे राणा के किया।
जानी-मानी लोक गायिका चंदना तिवारी,रवि राज, राजीव राज, शुभमप्रताप सिंह ने इस कार्यक्रम में प्रदर्शन किया। इस बारे में पॉपुलेशन फाउंडेश ऑफ इंडिया की कार्यक्रम निदेशक सोना शर्मा एवं एस एम सहगल फाउंडेशन के संचार निदेशक पूजा मुराद ने संयुक्त रूप से कहा कि संगीत और मनोरंजन परिवर्तन के संदेश को फैलाने में बेहद प्रभावी हैं। गीत-संगीत के साथ हम चेंज के स्थानीय चैंपियनों के साथ-साथ मैं कुछ भी कर सकती हूं , के दर्शकों को याद दिलाना चाहते हैं कि हम जल्द ही डॉ . स्नेहा माथुर के साथ नए मुद्दों का सामना करने का जा रहे हैं । ” मैं कुछ भी कर सकती हूं ” की कहानी युवा डॉक्टर डॉ .स्नेहा माथुर की प्रेरणादायक जीवन यात्रा के आसपास घूमती है , जो मुंबई में अपने आकर्षक करियर को पीछे छोड़ अपने गांव में काम करने का फैसला करती हैं. शो सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल और बेहतरीन गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डॉ स्नेहा के आन्दोलन पर केंद्रित है। उनके नेतृत्व में, गांव की महिलाएं सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से अपनी आवाज उठाती हैं।

” मैं कुछ भी कर सकती हूं ” शो के निर्माता फिरोज अब्बास खान कहते हैं, “गीत-संगीत’ उन सभी लोगों के लिए एक संगीत श्रद्धांजलि है जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने के लिए काम करते हैं। ये संगीत कार्यक्रम उस बदलाव का विस्तार है, जिसे हम कथा के माध्यम से लाने का प्रयास करते हैं। ” गौरतलब है कि यह शो राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक साबित हुआ है, जिसे 13 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में डब करके कई बार प्रसारित किया गया। इसे पूरे देश में216 एआईआर स्टेशनों पर भी प्रसारित किया गया है। दूसरे सीजन में महिलाओं के साथ युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया था। इस बार, पॉपुलेश्न फाउंडेशन ऑफ इंडिया , ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित है ताकि इस लोकप्रिय शिक्षण कार्यक्रम का बहुप्रतीक्षित तीसरा सीजन प्रोड्यूस हो सके।

इस क्रम में पॉपुलेशन फाउंडेश ऑफ इंडिया, एसएम सहगल फाउंडेशन और रेडियो स्नेही के तरफ से चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ संगीता चौधरी,शिक्षा के क्षेत्र में गीता देवी, साहित्य के क्षेत्र में आरती आलोक वर्मा और नीलम श्रीवास्तव, प्रशासनिक क्षेत्र में आफसा प्रवीण, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रीति श्राफ, शोभा कुमारी और डॉ सरोज सिंह, फाइन आर्ट के क्षेत्र डेजी रानी, शिक्षा के क्षेत्र में डॉ सुशीला पांडेय और शर्मिला कुमारी, खेल के क्षेत्र राधा कुमारी और अमृता कुमारी, निशा कुमारी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अतिथि के तौर पर अर्चना अरमानी, नीलम श्रीवास्तव, डॉ संगीता चौधरी, अफसा प्रवीण, सारदा चौधरी, श्वेता जी, आरती आलोक, सोनी देवी, डॉ प्रजापति त्रिपाठी,डॉ रंजन कुमार शर्मा, डॉ ब्रजेश सिंह, डॉ मली अहमद, डॉ नितेश कुमार रेडियो स्नेही के मधुसूदन पंडित, जगदीश सिंह,विकास कुमार, गोविंद कुमार, अनंत सिंह,राजीव गुप्ता, शालू कुमारी, चांदनी तिवारी के साथ हज़ारों छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीण लोग मौजूद थे।

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