सेक्स स्कैंडल क्रिकेट नहीं मिलेगा साहित्य का नोबेल, पहली बार स्वीडिश अकादमी पर लगा है ऐसा दाग

स्वीडिश एकेडमी के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब सेक्स स्कैंडल के कारण 2018 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा नहीं की जाएगी. अकादमी के 70 सालों के इतिहास बेबी यह पहला मौका है जब ऐसी घटना हो रही है.

18 महिलाओं ने लगाई यौन शोषण के आरोप
यह संस्था 2017 के नवंबर में उस समय विवादों में घिर गई थी जब स्वीडन के एक अखबार ने 18 महिलाओं के बयान प्रकाशित किए थे. इन महिलाओं ने प्रभावशाली फोटोग्राफर जीन क्लाउड अर्नाल्ड पर दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. अर्नाल्ड अकादमी की सदस्य और कवित्री कैटरीना फ्रोस्टेंशन के पति हैं. इन महिलाओं ने वैश्विक स्तर पर चल रहे “मी टू” अभियान के तहत यह बयान दिए थे. दूसरी ओर फोटोग्राफर जीन क्लाउड ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके वकील ने भी कहा है कि अर्नाल्ड ने यौन शोषण और साहित्यकारों के नाम लीक करने के आरोपों से साफ इनकार किया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स और एएफपी के अनुसार फ्रोस्टेंशन को साल 1992 में अकादमी का सदस्य बनाया गया था. उन पर इस साल भ्रष्टाचार और पति के सांस्कृतिक केंद्र को सब्सिडी देने के भी आरोप लगे हैं.
पहले भी स्थगित हो चुके हैं पुरस्कार
वर्ष 1786 में स्थापित स्वीडिश अकादमी के इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं जब पुरस्कारों की घोषणा स्थगित कर दी गई. वर्ष 1915, 1919, 1925, 1926, 1927 और 1949 में भी अकादमी ने पुरस्कार नहीं दिए थे. ऐसा माना जा रहा है कि वर्ष 2018 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा 2019 में की जाएगी.

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