पाकिस्तान से आकर जम्मू-कश्मीर में बसे शरणार्थी परिवारों को राजनाथ ने दी शानदार ईदी

पाकिस्तान से भागकर जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे हजारों की संख्या में शरणार्थी परिवारों को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ईद का शानदार तोहफा दिया है. राजनाथ सिंह ने प्रत्येक शरणार्थी परिवार को पांच लाख रूपय की आर्थिक सहायता देने का एलान किया. साथ ही जम्मू कश्मीर के लिए नौ बटालियन गठित करने का ऐलान किया, जिसमें से दो बटालियन सिर्फ सीमा के आसपास रहने वाले युवाओं के लिए होगी. इनका नाम भी बॉर्डर बटालियन होगा. माना जा रहा है कि गृह मंत्री का यह ऐलान देश की सीमा की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है.
बताते हैं कि पाकिस्तान से बड़ी संख्या में शरणार्थी सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे हुए हैं. पाकिस्तान से भाग कर आने वालों में ज्यादातर हिंदू परिवार हैं. इन परिवारों को जम्मू और कश्मीर की सरकारें दोयम दर्जे की सुविधाएं देती हैं. 2014 में सरकार बनने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर बसे इन शरणार्थी परिवारों के लिए कुछ खास योजनाएं बनाने की तैयारी शुरू की थी, जिनका परिणाम गृह मंत्री राजनाथ सिंह की इन घोषणाओं के रूप में दिखा है. बताते हैं कि इन परिवारों की मजबूती से सीमा की सुरक्षा में भी आसानी होगी. यह परिवार भारतीय सेना को सीमा के आसपास होने वाली हलचल से अवगत कराते हैं.
गृह मंत्री ने कहा, पहले सीमा पर गोलीबारी में किसी तरह की कैजुअल्टी होने पर 75,000 या ₹100000 मुआवजा देने की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर ₹500000 कर दिया गया है. साथ ही इसको प्राप्त करने की अवधि को भी समाप्त कर दिया गया है.
गृह मंत्री ने कहा, पहले गोलीबारी या किसी घटना में जानवरों के मरने पर ₹30000 प्रति पर मुआवजा मिलता था, जिसे वर्तमान केंद्र सरकार ने बढ़ाकर ₹50000 कर दिया है. मुआवजा देने के लिए तीन जानवरों की सीमा को भी खत्म कर दिया गया है. दरअसल पहले चाहे जितने भी जानवर मरे लेकिन मुआवजा अधिकतम 3 जानवरों का ही दिया जाता था. सीमावर्ती इलाकों में 5 बुलेट प्रूफ एंबुलेंस मुहैया कराने का भी गृह मंत्री ने ऐलान किया.

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