ट्रेनों की टाइमिंग सुधारने के लिए रेलवे में बड़ा फर्जीवाड़ा

रेल मंत्री पीयूष गोयल की चेतावनी से यात्रियों को कोई फायदा हो रहा हो या नहीं लेकिन रेलवे के अफसरों ने ट्रेनों की समयपालनता को सुधारने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा लेना शुरू कर दिया है. जो रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं, उन्हें भी नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम में राइट टाइम दिखाया जा रहा है. इस कवायद के जरिए रेलवे अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त कर रहा है लेकिन हकीकत में यात्रियों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है.
मनकापुर से इलाहाबाद के मध्य चलने वाली गाड़ी संख्या 14126 सरयू एक्सप्रेस 12 जून 2018 को इलाहाबाद जंक्शन पर करीब आधे घंटे की देरी से पहुंची, लेकिन रेलवे के रिकॉर्ड में यह ट्रेन बिलकुल दुरुस्त बताई गई है. प्रयाग स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का समय नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम में सुबह 8:20 बजे दर्ज किया गया है. स्टेशन पर इस ट्रेन के पहुंचने का वास्तविक समय 8:22 बजे है. नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के हिसाब से यह गाड़ी प्रयाग स्टेशन पर अपने निर्धारित समय से 2 मिनट पहले ही पहुंच गई. जबकि वास्तविक रूप से प्रयाग स्टेशन पर यह गाड़ी 8:56 बजे पहुंची है. स्टेशन के रिकॉर्ड में भी यही टाइम दर्ज है. एनटीइएस में जिस वक्त ट्रेन को प्रयाग स्टेशन पहुंचना दिखाया जा रहा है, वास्तव में उस समय यह गाड़ी फाफामऊ स्टेशन पर भी नहीं पहुंची थी.
रेलवे की ओर से आधिकारिक तौर पर चलाया जा रहा नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम तकनीकी तौर पर ट्रेनों का रियल टाइम और अधिकृत समय बताता है. इस सिस्टम पर दर्ज किए गए रिकॉर्ड ही रेलवे बोर्ड और रेल मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं. डिवीजनल और जोनल स्तर पर बनाए गए कंट्रोल सिस्टम समय पालनता के इसी रिकॉर्ड को आगे बढ़ाते हैं.
रेलवे के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि यह सिर्फ एक गाड़ी का मामला नहीं है. रोजाना दर्जनों ट्रेनों के मामले में ऐसा हो रहा है. जोनल और डिवीजनल रेलवे के कंट्रोल आपस में सांठगांठ कर एक दूसरे की ट्रेन को अपने सिस्टम में समय पर चलना दिखा रहे हैं. जबकि वास्तविक रूप से वह गाड़ियां देरी से चल रही है. रियल टाइम ट्रेन संचालन की जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में अफसर और कर्मचारी फंस सकते हैं.
इसके कारण यात्रियों को भी असुविधा हो रही है. साथ ही समय पालनता के इस फर्जीवाड़े की गलत रिपोर्टिंग भी की जा रही है. देश को सुधरे हुए रिकॉर्ड के साथ जानकारी दी जा रही है कि गाड़ियां नियमित समय पर चल रही है. हर सप्ताह ट्रेनों की समय पालनता में सुधार हो रहा है. जबकि सच्चाई यह है यात्रियों को ट्रेनों के इस फर्जी सुधरे हुए समय का कोई फायदा नहीं मिल रहा है.
पदोन्नति रोकने की चेतावनी के बाद निकाली नई तरकीब
रेल मंत्री पीयूष गोयल ट्रेनों की लेटलतीफी की शिकायतों से परेशान हैं. रेल यात्री रोजाना हजारों की संख्या में ट्रेनों के देरी से पहुंचने की शिकायतें फेसबुक, ट्विटर और WhatsApp के जरिए रेलवे तक पहुंचा रहे हैं. इसे देखते हुए रेल मंत्री ने चेतावनी दी है कि ट्रेनों को समय से ना चला पाने वाले डिवीजन और जोनल रेलवे के अफसरों की पदोन्नति और वेतन वृद्धि रोकी जाएगी. सूत्र बताते हैं कि इस चेतावनी के बाद रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों में नाटकीय सुधार हुआ है. सभी जोड़ों के अवसर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठकर करें कंट्रोल में दर्ज आंकड़ों के आधार पर रेलवे बोर्ड और रेल मंत्री और देश को यह जानकारी दे रहे हैं कि ट्रेनों की समय पालनता में जबरदस्त सुधार हो रहा है, जबकि आंकड़ों की बाजीगरी से इतर यात्री अपने गंतव्य को देरी से पहुंच रहा है.

You May Also Like

One thought on “ट्रेनों की टाइमिंग सुधारने के लिए रेलवे में बड़ा फर्जीवाड़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *