पोस्को कोर्ट ने 8 दिन में सुनाया फैसला- आरोपी को पूरा जीवन कारावास की सजा

राजस्थान के कोटा पॉक्सो अदालत ने 10 साल की मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है. नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत के न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने मात्र 8 दिन में यह फैसला सुनाया. सबसे बड़ी बात यह है कि 9 दिनों में 3 दिन के अवकाश भी थे. यानि पांच कार्य दिवस पर कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है.
विशिष्ट लोक अभियोजक कमल कांत शर्मा ने बताया कि अक्टूबर 2017 को नाबालिग पीड़िता की मां अस्पताल में भर्ती थी. नाबालिग पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ मां की देखरेख करती थी. इसी दौरान छावनी रामचंद्रपुरा निवासी 60 वर्षीय आरोपी पप्पू हरिराम बीच-बीच में खाना देने के बहाने उनके पास आता जाता रहता था. 13 अक्टूबर को प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई.
आरोपी पप्पू ने अस्पताल में आकर इलाज के लिए पैसों से मदद करने की बात कही. नाबालिग को ₹5000 की मदद देने के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने साथ लाखौरी स्टेशन ले गया. पप्पू ने वहां नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और लावारिस हालत में उसे स्टेशन पर ही छोड़कर फरार हो गया.
नाबालिग के अपहरण की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया. पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो आरोपी पप्पू नाबालिक को ले जाता हुआ दिखा. पुलिस ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया. पुलिस ने इस साल 22 मई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. सोमवार को पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने मात्र 8 दिन में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पप्पू को विशेष जीवन काल तक कारावास की सजा सुनाई.

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