लेटलतीफी रोकने पर नहीं, रेलवे का जोर फाइव स्टार जैसी सुविधाओं पर

इलाहाबाद। दिल्ली से हावड़ा गुवाहाटी, मुंबई, जम्मू, चेन्नई, बैंगलोर या किसी भी अन्य दिशा में चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। विलंब होने के कारण यात्रियों को तमाम किस्म की परेशानियों से जूझना पड़ता है। कई बार ट्रेन के वक्त पर न पहुंचने के कारण यात्रियों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ता है। कारोबारियों को एक दिन का अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ता है कि जाने कहां ट्रेन के पहिए थम जाएं। रेलवे ट्रेनों को समय से चलाने के दावे भी करता है लेकिन इसमें सुधार के लक्षण जरा भी नहीं दिख रहे हैं। रेलवे अफसर भी मानते हैं ट्रेनों की लेटलतीफी को रोक पाना मौजूदा व्यवस्था में संभव नहीं है। और अब ऐसा लगने लगा है कि रेलवे का इस पर फोकस भी नहीं है। अब रेलवे का सारा जोर कोचों की साज-सज्जा और उनमें यात्री सुविधाओं को बढ़ाने, तकनीक का इस्तेमाल करने पर ज्यादा है। शताब्दी एक्सप्रेस हो राजधानी, हमसफ़र हो या रेलवे की नई नवेली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस। रेलवे इनमें सीटों, LEDलाइट्स, सेंटर टेबल, वाईफाई, कॉल बेल, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग ऑटोमेटिक डोर सिस्टम पर जोर दे रहा है। कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में एक नए और स्मार्ट कोच की तैयारी चल रही है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन चार्ट, ऑटोमेटिक दरवाजे, आटोमटेड काम्पैक्ट अरेजमेंट डस्टविन, वैक्यूम टॉयलेट, पानी की कम खपत के लिए सेंसर युक्त टोटियां, हैंड ड्रायर, शॉप डिस्पेंसर लगे होंगे।

आरसीएफ के अफसरों का कहना है कि स्मार्ट कोच में प्रत्येक सीट के पीछे LED स्क्रीन लगाने के बजाय स्मार्ट कोच में वाईफाई सिस्टम पर जोर दिया जाएगा। जिससे स्मार्टफोन में इंटरनेट की सुविधा दी जा सके और यात्री अपनी मर्जी से स्मार्ट फोन पर ही 60 किस्म से ज्यादा तरह के कार्यक्रम देख सकें। रेलवे ने इसके पहले कुछ ट्रेनों जिनमें शताब्दी एक्सप्रेस के कुछ रेक शामिल है में led स्क्रीन की सुविधा दी है। ज्यादातर शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस के कोचों को सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के प्रयास चल रहे हैं।

GPS से लैस होगा स्मार्ट कोच

रेलवे का नया स्मार्टकोच ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी GPS से लैस होगा। इससे ट्रेन कितनी देर में पहुंचेगी, कितनी देरी से चल रही है, कौन सा स्टेशन कितनी देर में आएगा, वर्तमान में ट्रेन कहां है, आदि सूचनाओं की जानकारी कोच में लगी स्क्रीन पर ही यात्री देख सकेंगे। कोच में हाई स्पीड वाईफाई इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी।

साउंड व डस्ट प्रूफ होंगे स्मार्ट कोच

नए कोच साउंड व डस्ट प्रूफ होंगे। इसमें बैठे यात्रियों को कोच के बाहर के शोर शराबे नहीं सुनाई देंगे। न ही तेज रफ्तार होने पर बाहर की धूल अंदर आएगी। उसके दरवाजे भी आटोमेटिक होंगे। ट्रेन के दरवाजे खुद-ब-खुद बंद हो जाएंग बिल्कुल मेट्रो की तरह। शौचालय व बाहरी दरवाजों वाली जगह से पीछे की सीटों वाले हिस्से में जाने के लिए भी दोनों तरफ सेंसर वाले ऑटोमेटेड दरवाजे होंगे। दरवाजे के सामने पहुंचने पर यह अपने आप खुल जाएंगे। इस किस्म के दरवाजे होटल और रेस्टोरेंट के बाहर लगे दिख जाते हैं।

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