मुन्ना बजरंगी के मर्डर से डरे मुख्तार अंसारी! 48 घंटे से बैर के बाहर नहीं रखा कदम

बागपत जेल में कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या से पूर्वांचल की जरायम की दुनिया में भी भयंकर खलबली मची हुई है. इस हत्याकांड से बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी और वाराणसी जेल में बंद माफिया बृजेश सिंह के बीच गैंगवार तेज होने की आशंका है. उधर, बांदा जेल में बंद मुन्ना बजरंगी का बॉस मुख्तार अंसारी अपने शूटर की हत्या से सहम गए हैं. वह दो दिन से अपनी बैरक से बाहर नहीं निकले. जेल प्रशासन ने भी उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है.
बाहुबली बसपा विधायक और पूर्वांचल के सबसे ताकतवर माफिया डॉन माने जाने वाले मुख्तार अंसारी और वाराणसी के बड़े माफिया बृजेश सिंह की अदावत किसी से छिपी नहीं है. जरायम की दुनिया से जुड़े लोगों का दावा है कि मुख्तार अंसारी ने मुन्ना बजरंगी गिरोह का इस्तेमाल कर कृष्णानंद राय की हत्या कराकर माफिया बृजेश सिंह को क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर कर दिया था. मुन्ना बजरंगी ही वह कड़ी था जिसके दम पर मुख्तार अंसारी का पूरे पूर्वांचल में एक छत्र दबदबा बन गया. कोई भी गिरोह मुख्तार से टकराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था. लेकिन शूटर मुन्ना बजरंगी की हत्या से मुख्तार अंसारी का कमजोर होना तय माना जा रहा है. वजह, भाड़े पर हत्या करने और कराने से लेकर रंगदारी वसूलने और ठेकेदारी में विरोधी गुटों को सबक सिखाने जैसे ज्यादातर काम डॉन मुन्ना बजरंगी और उसके गिरोह के जरिए ही चल रहे थे.
दो दिन से बैरक से बाहर नहीं निकले मुख्तार अंसारी- जेल प्रशासन
बांदा जेल के जेलर बीएस त्रिपाठी ने जी न्यूज को बुधवार को बताया कि बागपत जेल में सोमवार को अपने सहयोगी डॉन मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेमप्रकाश सिंह की हत्या से यहां की जेल की बैरक संख्या 15 और 16 में बंद बाहुबली बसपा विधायक और पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी सहम गए हैं. वह दो दिन से अपनी बैरक से बाहर नहीं निकले और न ही किसी से मुलाकात की इच्छा जताई है. अंसारी ने 2 दिन से सही तरीके से खाना भी नहीं खाया है. सूत्रों का दावा है कि बजरंगी की हत्या से मुख्तार भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है.
CCTV से रखी जा रही है अंसारी पर नजर
खासमखास शूटर मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी की सुरक्षा में चूक जेल प्रशासन नहीं दिखाना चाहता है. इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था को त्रिस्तरीय कर दिया गया है. जेलर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे बंदियों की हरकतों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अधिकारी खुद रतजगा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. उनकी बैरक में किसी भी बंदी रक्षक को भी जाने की इजाजत नहीं है. जेल की हर बैरक में 2 दिन से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. जेलर ने बताया कि जेल की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद की गई है. जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं. अन्य बंधुओं के मुलाकातियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
30 मार्च 2017 से जेल में बंद है मुख्तार अंसारी
गौरतलब है कि पूर्वांचल का माफिया डॉन और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी बांदा की जेल में 30 मार्च 2017 से बंद है. यहां उन्हें दिल का दौरा भी पड़ चुका है. इस पर उनके भाई ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था.
क्या है पूरा मामला
बागपत जिला जेल के भीतर ही सोमवार को बसपा विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी के खास शूटर डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में उसे कोर्ट में पेश किया जाना था. इसी वजह से उसे रविवार शाम को झांसी जेल से लाया गया था. जानकारी के अनुसार जेल के भीतर मुन्ना बजरंगी को पश्चिम के गैंगस्टर सुनील राठी ने 10 गोलियां मारी थीं. हालांकि मंगलवार की देर शाम को वायरल हुए दो फोटो से यह कहा जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी को 5 गोली मारने के फौरन बाद कुछ फोटो खींची गई थी. मरने के बाद दो से तीन गोली फिर उसे मारी गई. फिलहाल मामले में शासन के निर्देश पर मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है. मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने भी रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन डीजीपी ने साफ किया है कि सीमा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी. पुलिस की ओर से मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है.

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