दुनिया के अमीर देशों की लिस्ट में कहां टिकता है मोदी का भारत? जरा यह भी गौर करिए

– पिछले 10 सालों में कई क्षेत्रों की संपत्ति में 200 गुना की तेजी दर्ज की गई है

चीन और जापान की तरह भारत में बुलेट ट्रेन के एक भी रेल मार्ग नहीं हैं. अमेरिका और चीन की तरह सुपर हाईवे भी नहीं है. लड़ाकू विमानों, शक्तिशाली पनडुब्बी, अत्याधुनिक रायफल, तोपों जैसे रक्षा उत्पादन के नजरिए से पिछले 4 सालों को पीछे छोड़ दें तो भारत का स्थान निचले पायदान पर गिना जाता है. वैश्विक अमीरों की सूची में भी भारत टॉप टेन से बाहर रहता है लेकिन जब देश की संपत्ति की बात आती है तो ऐसा नहीं होता. “एफ्रो एशिया बैंक वैश्विक संपत्ति पलायन समीक्षा” की रिपोर्ट के अनुसार भारत 8230 अरब डालर की संपत्ति के साथ दुनिया का छठा सबसे अमीर देश बन चुका है. अमेरिका इस मामले में टॉप पर है. अमेरिका की कुल संपत्ति 62584 अरब डॉलर है. दूसरे स्थान पर 24803 अरब डालर की संपत्ति के साथ चीन और 19522 अरब डालर की संपत्ति के साथ जापान तीसरे पायदान पर है.
बैंक की समीक्षा में किसी देश के हर व्यक्ति की कुल निजी संपत्ति को आधार माना गया है. टॉप टेन में शामिल अन्य देशों में ब्रिटेन की कुल संपत्ति 9919 अरब डालर, जर्मनी की कुल संपत्ति 9607 अरब डालर है. यह देश क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं. कुल संपत्ति के मामले में यानी अमीर देशों के मामले में आस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा और इटली जैसे देश भारत से पीछे हैं. ऑस्ट्रेलिया की कुल संपत्ति 6142 अरब डालर, कनाडा की 6393 अरब डालर, फ्रांस की 6649 अरब डालर और इटली की कुल संपत्ति 4276 अरब डालर है. हालांकि, इन सभी देशों में प्रति व्यक्ति आय भारत के नागरिकों के मुकाबले काफी ज्यादा है लेकिन आबादी के मामले में संख्या ज्यादा होने के कारण भारत कुल संपत्ति के मामले में छठे पायदान पर काबिज है.
रिपोर्ट के अनुसार भारत में कारोबारियों की संख्या ज्यादा होना, बेहतर एजुकेशन सिस्टम, सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतर होना, बिजनेस प्रोसेस, आउटसोर्सिंग, रियल स्टेट, हेल्थकेयर और मीडिया क्षेत्र शामिल है. पिछले 10 सालों में 200 गुना वृद्धि दर्ज की गई है.
बैंक का अनुमान है कि आने वाले दशक में चीन की संपत्ति में तेजी से बढ़ोतरी होने वाली है. साल 2027 तक चीन की संपत्ति बढ़कर 69449 अरब डालर और अमेरिका की संपत्ति में बढ़कर 75101 हो सकती है. रिपोर्ट का दावा है कि अभी विश्व में 1.52 करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनकी संपत $1000000 से ज्यादा है. $10000000 से ज्यादा की संपत्ति वाले लोगों की संख्या 5.84 लाख और $1अरब डालर से अधिक की संपत्ति वाले लोगों की संख्या 2252 है. रिपोर्ट का अनुमान है कि 2017 तक भारत, ब्रिटेन और जर्मनी को पछाड़कर विश्व का चौथा सबसे अमीर देश बन जाएगा.

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