रेलवे में 90 हजार पदों के एक करोड़ रजिस्ट्रेशन निरस्त, जानिए कैसे चलेगी पूरी चयन प्रक्रिया

भारतीय रेलवे में निकली बंपर 90 हजार भर्तियों के लिए 31 मार्च तक रिकार्ड तोड़ सवा तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया लेकिन परीक्षा शुल्क का भुगतान केवल 2.37 करोड़ अभ्यर्थियों ने ही किया है। रेलवे इन्हें ही अंतिम रूप से परीक्षार्थी मान रही है। इससे करीब एक करोड़ लोग खुद ही परीक्षा प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।

रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी खुद इस परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि परीक्षा को लीक प्रूफ रखने के लिए कई तरह के उपाय किए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा के लिए करीब एक हजार सेट में प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं। सभी पदों के लिए दो चरण में परीक्षा आयोजित की जाएगी। पहले चरण की परीक्षा अगस्त तक होगी। हालांकि अंतिम परिणाम की घोषणा अगले साल मार्च में की जाएगी।

रेलवे सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन परीक्षा के लिए किसी बड़ी एजेंसी की मदद ली जाएगी जिस पर आब तक कोई दाग न हो। प्रश्नपत्र कंप्यूटर पर रैंडम तरीके से अभ्यार्थियों के सामने आएंगे।

रेलवे ने कुल 1.10 लाख नौकरी देने की घोषणा की है। इनमें 90 हजार पद ग्रुप सी व डी के लिए हैं। इसके अलावा इसी महीने रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के पदों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। भारतीय रेलवे में निकली 90 हजार भर्तियों के लिए आवेदन करने का समय अब खत्म हो गया है। अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 थी। इस बंपर वैकेंसी के लिए करीब 2.5 करोड़ युवाओं के आवेदन परीक्षा के लायक माने गए हैं। इससे साफ पता चलता है कि इतने अधिक उम्मीदवारों के आवेदन करने से प्रतियोगिता भी और कड़ी हो गई है।

यह रेलवे की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप सी (असिस्टेंट लोको पायलट और टेक्नीशियन) के 26502 और ग्रुप डी (गैंगमैन, खलासी, गेटमैन, प्वांइटमैन आदि) के 62907 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। अब उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करनी है लेकिन उससे पहले पूरी चयन प्रक्रिया के बारे में भी पता होना जरूरी है।

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