एनसीआर की पहली ग्रीन ट्रेन बनी इलाहाबादी हमसफर

हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन नं. 22437/22438), जो संगम शहर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ती है, अत्याधुनिक ‘हेड ऑन जेनरेशन‘ (एचओजी) प्रौद्योगिकी को अपनाने के साथ ‘ग्रीन ट्रेन’ हो गई है. अब यह महंगे डीजल ईंधन को जलाने के बजाय ओवर हेड उपकरण (ओएचई) के माध्यम से सीधे ग्रिड से बिजली ले रही है. प्रीमियम ट्रेनों के कोचों के लिए विद्युत उत्पादन उत्पन्न करने के सबसे आम तरीके को एंड ऑन जेनरेशन (ईओजी) कहा जाता है. पुरानी पद्धति में कोच में प्रकाश और एयर कंडीशनिंग के लिए विद्युत आपूर्ति ट्रेनों के दोनों सिरों पर लगाए गए विद्युत कारों में उपलब्ध डीजल जेनरेटर सेट के माध्यम से की जाती है. इससे पहले, हमसफर एक्सप्रेस को भी एंड ऑन जेनरेशन (ईओजी) प्रणाली पर संचालित किया जा रहा था. कई राजधानी एक्सप्रेस को भी नई तकनीक से जोड़ा जा चुका है. फिलहाल, उत्तर मध्य रेलवे में यह शुरुआत पहली बार हुई है.

28 जुलाई से हमसफर के हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) तकनीक पर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है. महत्वपूर्ण है कि परंपरागत ईओजी प्रणाली में बिजली की लागत-डीजल जेनरेटर सेट का उपयोग होने के कारण प्रति यूनिट 22.00 रुपये आती है. एचओजी प्रणाली में आपूर्ति सीधे ओएचई के माध्यम से 3 फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के द्वारा ली जाती है. इससे प्रति इकाई बिजली की दर केवल 7.00 रुपये पड़ती है. इस तरह एचओजी प्रौद्योगिकी को प्रयोग मे लेने के परिणामस्वरूप 16.00 रुपये प्रति यूनिट की बचत होगी. हमसफर एक्सप्रेस जैसी एक ट्रेन से रुपये 2.15 करोड़ की वार्षिक बचत उत्तर मध्य रेलवे को होगी. हर वर्ष करदाताओं के पैसे को बचाने के अलावा, हमसफर एक्सप्रेस जैसी सिर्फ एक ट्रेन में एचओजी प्रौद्योगिकी के उपयोग से प्रति वर्ष 1174 टन प्रतिवर्ष कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी.  इतना ही कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर ‘कार्बन फुटप्रिंट’ कम होता है.

‘एचओजी’ प्रौद्योगिकी को अपनाने का एक और फायदा यह है कि यह ट्रेन को विद्युत आपूर्ति के दो विकल्प उपलब्ध कराती है-पहला ओएचई के माध्यम से और दूसरा विद्युत कारों में जेनरेटर सेट के द्वारा. इसका मतलब यह है कि ओएचई में विद्युत कटौती की वजह या किसी भी आपातकालीन स्थिति में विद्युत से डीजल पर ट्रेन के कर्षण में परिवर्तन की वजह से, ट्रेन के कोच के अंदर विद्युत की आपूर्ति अप्रभावित रहेगी क्योंकि यह आपूर्ति विद्युत कारों में डीजी सेट द्वारा की जाएगी.

महाप्रबंधक उत्‍तर मध्‍य रेलवे राजीव अग्रवाल ने कहा कि उत्‍तर मध्‍य रेलवे की इस प्रीमियम ट्रेन में एचओजी की शुरूआत करना, रेलवे और आम जनता के लिए अच्छा है. यह पर्यावरण के भी अनुकूल है. महाप्रबंधक ने कहा ‘‘उत्‍तर मध्‍य रेलवे की कुछ अन्य ट्रेनों के कोचों व लोको को एचओजी अनुपालन के अनुरूप कार्य करने की दिशा में बढ़ रहें हैं. एक बार यह काम पूरा हो जाने के बाद, उत्‍तर मध्‍य रेलवे की कुछ अन्य प्रमुख ट्रेनें भी ‘एचओजी’ के द्वारा चलेंगी.

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