2022 से सभी बड़ी लाइनों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें, घटेगा खर्च-बढ़ेगी रफ्तार

आम चुनाव में उतरने से पहले मोदी कैबिनेट ने रेलवे यात्रियों और देश के फायदे की बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है. देशभर में अब तक बची सभी बड़ी लाइनों के विद्युतीकरण की 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजना को शुरू करने को स्वीकृति देकर भविष्य की रेल का रास्ता साफ कर दिया है. रेलवे का दावा है  कि 2022 तक सभी बड़ी लाइनों पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन वाले इंजन दौड़ेंगे. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी. रेलवे का डीजल के मद में हो रहा सालाना करीब 20 हजार करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है.

रेलमंत्री पीयुष गोयल ने ट्वीट कर कहा है कि वर्तमान में करीब 46 पीसदी रेलमार्ग विद्युतीकृत हो चुके हैं. 20 हजार किलोमीटर रूट पर विद्युतीकरण के कार्य चल रहे हैं. इसेक बाद 78 फीसदी रेलमार्ग विद्युतीकृत हो जाएंगे. शेष बचे 13675 रूट किमी के विद्युतीकरण को भी मंजूरी कैबिनेट ने दे दी है. 
रेलवे अफसरों का कहना है कि इन कार्यों से देशभर के सभी बड़े रेलमार्ग विद्युतीकृत हो जाएंगे. अफसरों का कहना है कि वर्तमान में कई ऐसे छोटे-छोटे सेक्शन शेष हैं जो 40-200 किमी की दूरी वाले हैं. इसके कारण कई लंबे रेलमार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की ट्रेनें नहीं चल पा रही हैं. इनके कार्य होने से पूरे सेक्शन में इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वर्तमान में कई ऐसे रेलमार्ग हैं जहां दो-तीन बार इंजन बदलने की जरूरत पड़ रही है. इसके कारण एक से डेढ़ घंटे का वक्त खराब होता है. एक ही ट्रैक्शन का इंजन होने से यात्रा में यह समय बचेगा.
डीजल इंजन की तुलना में इलेक्ट्रिक इंजन की रफ्तार तेज होती है. कम समय में यह गति पकड़ते हैं. इसके साथ ही डीजल की खरीद पर प्रत्येक वर्ष भारी रकम देश के बाहर जाती है. जबकि इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के निर्माण पर एक ही बार रकम लगेगी. पर्यावरण के लिहाज से भी यह फायदेमंद है.

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