बिहार के असलहा तस्कर ने उगले राज, कई माननीयों को बेचा है सेना की एके-47 रायफलें

पटना। जबलपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्री से चुराई गई एके-47 के जखीरों के सबसे बड़े तस्कर सरगना मंजर आलम ने पूछताछ में पुलिस के सामने बंदूकों के शौकीन और माफिया कई माननीयों के राज से परदा उठाया खोला है. माननीयों के नामों की फेहरिश्त सुन पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक चुकी है. पुलिस जांच का असली खेल अब शुरू होने वाला है. देखना यह होगा कि सेन्य आयुध फैक्ट्री की जिन रायफलों का इस्तेमाल कर रहे माननीयों के नाम का खुलासा असलहा तस्कर ने किए हैं, पुलिस उन्हे गिरफ्तार कर सकती है या नहीं.
एके-47 राइफल की तस्करी के मुख्य सरगना मंजर आलम उर्फ मांजी मियां को पटना पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के साथ छह घंटे की रिमांड पर लिया. छह घंटे के दरम्यान पुलिस ने मंजर से 50 से अधिक सवाल पूछे. इस दौरान उसने एके-47 के शौकीन कई बाहुबलियों के नाम उगले हैं, जिन्होंने उससे ये हथियार खरीदे थे. इन माननीयों में बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश के विधायक और सांसद शामिल हैं. इस खुलासे ने पुलिस की नींद उड़ा दी है. हालांकि, मामला आशंका से ज्यादा गंभीर होने के कारण पुलिस अधिकारी नामों को सार्वजनिक करने से परहेज कर रहे हैं.
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि मंजर को बुद्धा कॉलोनी में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में उसे रिमांड पर लिया गया. मुंगेर पुलिस भी रिमांड पर लेने के लिए प्रोडक्शन वारंट दे रही है. पटना पुलिस पूछताछ में मुंगेर पुलिस को सहयोग कर रही है, ताकि तस्करों के पूरे चैनल को ध्वस्त किया जा सके.
ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो (सीओडी) से एके-47 राइफल की तस्करी मामले में फरार चल रहे मुंगेर के बरहद निवासी मंजर आलम उर्फ मांजी मियां को मंगलवार की सुबह पटना की बुद्धा कॉलोनी थानान्तर्गत नागेश्वर कॉलोनी स्थित एक गेस्ट हाउस से पकड़ा था. वह यहां समीर नाम से रह रहा था. उसके पास से एक पिस्टल और आधा दर्जन गोलियां बरामद हुई थीं.
छानबीन के दौरान मालूम हुआ कि वर्ष 2014 में जक्कनपुर थाना पुलिस ने उसे एम्‍बेसडर कार में हथियारों की तस्करी करते पकड़ा था, लेकिन वह गिरफ्त से फरार हो गया था. उसका साथी निरंजन मिश्र गिरफ्तार कर लिया गया था.  गौरतलब है कि मुंगेर पुलिस एके-47 राइफल की तस्करी मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है. मंजर का रिश्तेदार मोनाजिर हजारीबाग से पकड़ा गया था.

अब तक 47 एके-47 रायफलों की हो चुकी है बरामदगी

इस मामले में ऑर्डिनेंस डिपो का कर्मी पुरुषोत्तम भी गिरफ्तार हुआ था. वहां की पुलिस ने 20 एके-47 राइफल और भारी मात्र में उसके पार्ट्स बरामद किए थे. इसके बाद मामले की जांच एनआइए को सौंप दी गई. एनआइए ने 26 तस्करों की सूची तैयारी की थी, जिसमें मंजर का नाम सबसे ऊपर था. पुलिस ने इस मामले में बिहार के एक कुंए से 27 एके-47 रायफलें भी बरामद कर चुकी है.
इस मामले को लेकर एनआईए राज्यों की स्थानीय पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत उन सभी राज्यों में तस्करों को खंगाल रही है जिनके वहां होने के सुबत मिल रहे हैं. इसी सप्ताह एनआईए ने यूपी के इलाहाबाद और प्रतापगढ़ में भी इस मामले को लेकर पड़ताल की है. कई लोगों से पूछताछ कर असलहा तस्करों और उनके संपर्कियों को तलाश की जा रही है.

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