कथित लव जिहाद केस : सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के प्रेम विवाह पर लगाई मुहर

अदालत ने कहा, हादिया बालिग है और उसे अपनी मनमुताबिक जीवन जीने की आजादी है
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को केरल के बहुचर्चित कथित लव जिहाद केस में हादिया के प्रेम विवाह पर मुहर लगा दी. कोर्ट ने कहा हादिया को अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी है. कानून सम्मत वह जिंदगी से जुड़े फैसले ले सकती है. इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने हादिया और शफीन की शादी को रद्द कर दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे. केरल में बढ़ते लव जिहाद की शिकायतों पर इस केस की जांच एनआईए भी कर रही थी. बृहस्पतिवार आठ मॉर्च को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल हाईकोर्ट को शादी को रद्द नहीं करना चाहिए था.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दो वयस्क अपनी इच्छा से शादी करते हैं तो उसकी जांच कैसे हो सकती है ?
एनआईए की जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क अपनी इच्छा से शादी करते हैं तो उसकी जांच कैसे हो सकती है ? यदि लगता है कि शादी के बाद दोनों में से कोई गलत इरादे से विदेश भागने की कोशिश कर रहा है तो सरकार उसके खिलाफ एक्शन ले सकती है. हादिया के पति शफीन की तरफ से कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की. सिब्बल ने कहा कि अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनना हर किसी का मौलिक अधिकार है. हाईकोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है कि वह किसी की याचिका पर ही किसी की शादी को रद्द कर दे. हर किसी को सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीने का भारतीय संविधान हक देता है. सिब्बल ने दलील दी कि जब तक दंपती में कोई किसी के खिलाफ शिकायत न दर्ज कराए, तब तक तीसरे को उनकी शादी पर सवाल उठाने का हक नहीं है.

पिता ने चौकाने वाले दावे किए
उधर , पिता अशोकन ने हादिया के शपथपत्र के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाले दावे किए. कहा कि लव जिहाद का शिकार बनाकर हादिया को विदेश भेजकर ‘सेक्स स्लेव’ या ‘मानव बम’ बनाने की प्लानिंग थी. जब बेटी का मानसिक व शारीरिक स्तर पर अपहरण किया जा रहा हो, तब वह चुप कैसे रह सकते हैं ?

क्या है मामला
पिछले साल अखिला अशोकन उर्फ हादिया ने मुस्लिम धर्म अपनाकर शफी जहां से शादी कर ली थी. अखिला के पिता अशोकन केएम ने इसे केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इसके बाद हाईकोर्ट ने शादी को रद्द कर दिया था. फिर शफी जहां ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 25 साल की हादिया बालिग है और वह अपने मनमुताबिक शादी कर सकती है. कोर्ट ने हादिया को तमिलनाडु के सलेम स्थित होम्योपैथिक मेडिकल कालेज से पढ़ाई जारी रखने का भी आदेश दिया था.

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