आठ हजार स्टेशनों पर मिलेंगे सेनेटरी पैड

नई दिल्‍ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल चाहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में सभी महिलाओं को बायो-डिग्रेडेबल सैनिटरी पैड का लाभ मिले और यह सुनिश्चित करने के लिए वह एक अभियान चलाना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि इस तरह के पैड का लाभ सभी महिलाओं को मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हमें देश भर में एक अभियान चलाना चाहिए।
गोयल ने यह भी कहा कि हमें इस तरह पैड को व्‍यापक स्‍तर पर बनाना चाहिए और बड़ी कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे महंगे पैड की जगह महिलाएं इन्‍हें एक-डेढ़ रुपए में प्राप्‍त कर सकती हैं।
गोयल एक कार्यक्रम में ‘रेलेवेंस ऑफ इकोनॉमिक फिलॉसिफी ऑफ पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय इन टुडेज वर्ल्‍ड’ विषय पर बोल रहे थे। इस मौके पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि भारत की हर महिला को सैनिटरी पैड की सुविधा मिलनी चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए ही वह एक अभियान चलाना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर मेनका गांधी से बातचीत शुरू कर दी है।
गोयल ने यह भी कहा कि वह देश के 8,000 रेलवे स्‍टेशनों पर सस्‍ते और बायो-डिग्रेडेबल सैनिटरी पैड के लिए मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट की सुविधा को लेकर संभावना तलाश रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि रेलवे हर संभव मदद करेगा, फिर चाहे रेलवे स्‍टेशन पर मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट की सुविधा मुहैया कराना ही क्‍यों ना हो। 8,000 रेलवे स्‍टेशनों पर ऐसे सैनिटरी पैड बनाए जा सकते हैं।
गोयल ने जोर देते हुए यह भी कहा कि स्‍वयं-सहायता संगठन भी इस तरह के सैनिटरी पैड बना सकते हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि महिलाएं खुद भी इनका निर्माण कर सकती हैं। रेलवे स्‍टेशन पर टेरेस हैं, जहां वे काम कर सकती हैं। इसके लिए इस्‍तेमाल होने वाली मशीनें भी ज्‍यादा महंगी नहीं हैं। (एएनआई)

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